Maa Durga Kshama Prarthna Stotram
मंत्र

Maa Durga Kshama Prarthna Stotram

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं (Maa Durga Kshama Prarthna Stotram) देव्यापराध क्षमाप्रार्थना स्तोत्रम् माँ दुर्गा के चरणों में विनम्रतापूर्वक अपने ज्ञात-अज्ञात अपराधों और भूलों के लिए क्षमा माँगने वाला अत्यंत भावपूर्ण संस्कृत स्तोत्र है। […]

Mahishasura Mardini Stotram
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Mahishasura Mardini Stotram

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् – अयि गिरिनन्दिनि (Mahishasura Mardini Stotram – Aigiri Nandini) महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम्, जिसे “अयि गिरिनन्दिनि” के नाम से भी जाना जाता है, माँ दुर्गा की वीरता, शक्ति और करुणा का अनुपम स्तोत्र है। इसमें […]

Vakratunda Mahakaya Shri Ganesh Shlok
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Vakratunda Mahakaya Shri Ganesh Shlok

वक्रतुण्ड महाकाय – श्री गणेश मंत्र (Vakratunda Mahakaya Shri Ganesh Shlok) “वक्रतुण्ड महाकाय” भगवान श्री गणेश का अत्यंत प्रसिद्ध और शक्तिशाली मंत्र है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा, अध्ययन, यात्रा या नए कार्य के आरंभ […]

Sankatmochan Hanuman Ashtak
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Sankatmochan Hanuman Ashtak

संकट मोचन हनुमानाष्टक (Sankatmochan Hanuman Ashtak) संकटमोचन हनुमानाष्टक, गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित भगवान हनुमान जी की अत्यंत प्रसिद्ध स्तुति है। इसमें आठ पद (अष्टक) हैं, जिनमें हनुमान जी की महिमा, उनकी शक्ति, भगवान श्रीराम […]

नाग स्तोत्रम् - Naag Sarpa Stotram
मंत्र

Naag Sarpa Stotram

नाग स्तोत्रम् (Naag Sarpa Stotram) ब्रह्म लोके च ये सर्पाः शेषनागाः पुरोगमाः । नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताः प्रसन्नाः सन्तु मे सदा ॥१॥ विष्णु लोके च ये सर्पाः वासुकि प्रमुखाश्चये । नमोऽस्तु तेभ्यः सुप्रीताः प्रसन्नाः सन्तु मे […]

महालक्ष्मी मंत्र अक्षय तृतीया
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Akshaya Tritiya Puja Mantra

अक्षय तृतीया पूजा मन्त्र (Akshaya Tritiya Puja Mantra) हिन्दु पञ्चाङ्ग के अनुसार वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। हिन्दु मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया कोई भी जप-तप, […]

Brihaspati-Stotra
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Brihaspati Stotra – Skand Puran

बृहस्पति स्तोत्रं – स्कन्दपुराणे (Brihaspati Stotra – Skand Puran)   ॥ विनियोग मन्त्र ॥ ॐ अस्य श्रीबृहस्पति स्तोत्रस्य गृत्समद् ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, बृहस्पतिर्देवता, बृहस्पति प्रीत्यर्थे जपे विनियोग: गुरुर्बृहस्पतिर्जीव: सुराचार्यो विदां वरः । वागीशो धिषणो दीर्घश्मश्रुः […]